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सेक्स के दौरान आँखों में देखना क्यूँ है ज़रूरी

अगर सेक्स/संभोग (sex) के वक़्त आप अपने साथी की आँखों में नहीं देखते तो इसका अर्थ यह निकलता है कि आप उत्सुक नहीं हैं और आपको दूसरे व्यक्ति की कद्र नहीं है। अगर सेक्स के वक़्त (sex ke liye tips) आप अपने साथी की आँखों में देखते हैं तो यह इस बात का प्रतीक है कि आप उनसे कितना प्रेम करते हैं| सेक्स / संभोग (sex) के दौरान आँखें मिलाना काफी रोमांचक होता है और इससे सारी प्रक्रिया उत्सुकता से भर जाती है। यह सही है कि पुरुष अपनी साथी को देखना पसंद करते हैं, पर आँख मिलाना बिलकुल अलग बात हो जाती है। यह एक कामुकता से भरा लम्हा होता है और यह काफी ज़रूरी है कि आप उनसे आँखें मिलाएं जिनसे आप प्रेम करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि पुरुष आँख मिलाने में यकीन नहीं करते। इसका कारण हार्मोन्स को बताया जाता है। इन हॉर्मोन्स की वजह से मर्द महिलाओं की तुलना में आँखें मिलाने में कम यकीन करते हैं। आमतौर पर ज़्यादातर मर्द आँख मिलाने से कतराते हैं क्योंकि इससे कामुकता के स्तर में वृद्धि होती है और यह काफी आक्रामक (aggressive) भी हो सकता है। अतः इसका मतलब यह हुआ कि आँखों का मिलान मर्दों को पर...

अपने साथी के साथ सेक्स में लंबे समय तक आनंद उठाने के सेक्स टिप्स

लम्बे समय तक सेक्स की क्रिया में लिप्त होने की सामान्य जानकारियों के अलावा ऐसी कई और चीज़ें हैं जिनके बारे में आपको जानना चाहिए। ऐसी कई बातें हैं जो आपके उन निजी पलों को काफी संतोषजनक बना देंगे। मर्दों की तरह महिलाओं को भी सेक्स की काफी इच्छा होती है। पर महिलाएं अपनी इच्छाएं दूसरों के सामने बताने में शर्म का अनुभव करती हैं। यह स्थिति शायद हर महिला के सामने नहीं आती। एक शोध के मुताबिक़ सभी में सेक्स की इच्छा अलग अलग रूप से हो सकती है। डोपामाइन तथा मस्तिष्क के केमिकल्स का वितरण भी सेक्स की इच्छा में काफी प्रमुख भूमिका निभाता है। पर पुरुषों की सेक्स की इच्छा महिलाओं की तरह तीव्र नहीं होती। एक महिला और पुरुष के लिए शारीरिक सम्बन्ध प्यार और भरोसे पर टिका होता है। अगर उनकी सेक्स लाइफ काफी अच्छी हो तो वे एक दुसरे को और बेहतर रूप से समझ सकते हैं। अगर आप अपनी महिला साथी से इस मामले में मुकाबला करना चाहते हैं तो कुछ नुस्खों का पालन करें। एक जोड़े के लिए शारीरिक सम्बन्ध प्यार और भरोसे पर टिका होता है। अगर किसी जोड़े की सेक्स लाइफ (sex life) आनंददायक और स्वास्...

गर्भ निरोध – परिवार नियोजन के उपाय

यह बात सब जानते हैं कि अगर आप सेक्स की प्रक्रिया में शामिल हैं और आप गर्भावस्था की स्थिति को रोकने की तरफ ज़्यादा ध्यान भी नहीं दे रही हैं तो इस बात की काफी संभावना है कि आप एक साल के अन्दर गर्भ से होंगी। आप स्तनपान के वक्त गर्भवती हो सकती हैं और बच्चे को जन्म देने के 10 दिन के अन्दर ही एक और बार गर्भवती होने की संभावना होती है। आप मासिक धर्म की प्रक्रिया के वक़्त भी गर्भवती हो सकती हैं। आन्तौर पर हम यह सोचते हैं कि अगर वीर्य का स्त्राव होने से पूर्व ही गुप्तांग को निकाल लिया जाए तो गर्भावस्था से बचा जा सकता है। लेकिन बात ऐसी नहीं है क्योंकि सिर्फ एक बूँद पुरुष के वीर्य से भी एक महिला गर्भवती हो सकती है। यह ऐसी स्थिति भी होती है जब आप संभोग से फैली बीमारियों (sexually transmitted disease) से पीड़ित हो सकती हैं। गर्भावस्था खुशी की बात होती है अगर यह एक योजना के तहत की गयी हो। गर्भावस्था खुशी के साथ जिम्मेदारी भी लाती है। अगर एक जोड़ा जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार ना हो तो उन्हें गर्भपात करा लेना चाहिए। गर्भावस्था से बचने का सबसे अच्छा विकल्प हैं गर्भनिरोधक। गर्भनिरोधक गर्भावस्था से ...

संभोग/सेक्स की शक्ति को बढ़ाने के प्राकृतिक उपाय

भोग प्रकृति द्वारा मनुष्य को दिया गया काफी अनमोल तोहफा है। यह सबके जीवन का एक अहम हिस्सा होता है। यह पति और पत्नी के बीच एक मज़बूत बंधन बनाता है, आनंद देता है तथा तनाव और चिंता को कम करता है। अतः यह काफी आवश्यक है कि आपकी सेक्स की शक्ति काफी अच्छी हो जिससे आपका जीवन सुखमय हो सके। पुरुषों का सेक्स की पूरी प्रक्रिया के दौरान जोश बनाए रखना (endurance) काफी महत्वपूर्ण है और कुछ जड़ीबूटियाँ ऐसी हैं जो इस कार्य में आपकी सहायता कर सकती है। जब आप जड़ीबूटियों को अपने भोजन में शामिल करें, तो इनके साथ आप अस्ट्रागुलस (astragulus (huang qi)) भी ले सकते हैं। ***जब आपकी सम्भोग शक्ति कम हो जाती है तो दो तरह की चीज़ें हो सकती हैं। इस समय आप चरम आनंद की स्थिति (arousal) तक पहुँचने में नाकामयाब होते हैं। ***आप कुछ देर के लिए चरम सीमा पर पहुंचकर सेक्स के लिए इच्छुक होते हैं, पर आप इस स्थिति को ज्यादा देर तक बरक़रार नहीं रख पाते। यह दूसरी चीज़ है और इससे लोगों को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। सेक्स/सम्भोग की शक्ति बढ़ाने वाले प्राकृतिक तत्व (Natural sex enhancers – sex ke...

पीरियड्स के दौरान सेक्स सुरक्षित या नहीं?

एक मनुष्य के लिए सेक्स की ज़रुरत भोजन से कुछ कम नहीं होती। लोग भले ही किसी भी मनोदशा में रहें, सेक्स के लिए आतुर होते हैं। अतः एक जोड़े को तब काफी निराशा होती है, जब उनकी सेक्स करने की इच्छा तो होती है, परन्तु उस दौरान महिला के पीरियड्स चलते रहते हैं। कई महिलाएं इस स्थिति में सेक्स की प्रक्रिया में लिप्त होने में असहज महसूस करती हैं। कई लोगों का ऐसा भी मानना है कि पीरियड्स के दौरान सेक्स करना शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। अगर आप पीरियड के दौरान सेक्स करना चाहती हैं, तो आपको कुछ तथ्यों का ज्ञान होना चाहिए। यह एक ऐसा सवाल है, जिसके बारे में लोगों की धारणाएं काफी भिन्न हैं। ऐसा करने से पहले किसी डॉक्टर से अवश्य सलाह कर लें। पीरियड सेक्स में सुरक्षा की धारणा:- य ह जानना काफी आवश्यक है कि सुरक्षा से लोग क्या समझते हैं। कुछ लोगों के लिए सुरक्षा का अर्थ वह समय होता है, जब अण्डोत्सर्ग (ovulation) की प्रक्रिया नहीं हुई रहती है। पीरियड्स की समस्या, महिलाएं गर्भवती हुए बिना सेक्स की प्रक्रिया पूरी करना चाहती हैं। आज के दौर  में महिलाएं शादी के तुरंत बाद ही गर्भवती बनना नहीं चाहत...

How to increase memory power, Sharp memory tips – मेमोरी तेज कैसे करें, याददाश्त बढ़ाने के घरेलू उपाय

प्रत्येक माता पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा दिमागी रूप से तेज हो और उसकी याददाश्त भी बेहतर हो ताकि वह चीजों को अच्छी तरह याद कर सके। यह बात केवल बच्चों के लिए परीक्षा या पढ़ाई के दौरान ही महत्व नहीं रखती बल्कि अच्छी याददाश्त की सभी को हर उम्र में ज़रूरत पड़ती है। याद न रख पाने की वजह से हमें कई बार लोगों के सामने शर्मिंदा होना पड़ता है और कई लोगों को तो ‘भुलक्कड़’ जैसा सम्बोधन भी मिल जाता है। अक्सर लोग याददाश्त अच्छी न होने की वजह से खास दिन या तारीख आदि भूल जाते हैं। ये सब तो बड़ों की बात है लेकिन अगर बच्चों में यह परेशानी हो तो उनके लिए अपने रोज के काम और पढ़ाई आदि बहुत मुश्किल हो जाते हैं। बच्चों को अच्छे नंबर से पास होने में मेमोरी या याददाश्त की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, तो आइये जानें कि कैसे बढ़ाएँ याददाश्त (kaise badhayein yaddasht) दिमाग तेज करने की दवा है बादाम, बढाएं मेमोरी (Badam se memory badhane ke tips in hindi):- रोज़ाना तीन बादाम खाने से याददाश्त पर बहुत प्रभाव पड़ता है। मेमोरी बढ़ाने के लिए बादाम का प्रयोग सुबह से समय करना सबसे श्रेष्ठ माना गया है। रात को तीन बादाम पानी में...

थायरायड (Thyroid Disorder) की बीमारी का आयुर्वेदीय इलाज

हयपोथायरॉइडिज़म (Hypothyroidism) की बीमारी ज़्यादातर  स्त्रीयों में पाई जाती है जिससे कि उनका आंतरिक चयपचय (metabolism) औसत से काफ़ी कम हो जाता है. आयुर्वेदीय चिकित्सा द्वारा इस रोग का निवारण भली-भाँति प्रकार किया जा सकता है. चयपचय की क्रिया को नियंत्रित करना थायराइड ग्रंथि का कार्य होता है और इसके द्वारा ही हम शरीर में लिया गया भोजन, जल और प्राण वायु कोशिकायों में सही रूप से चयपचय होकर उर्जा का स्रोत बनता है. छोटी अवशेषों में बाँटने के उपरांत उनका पुनर्संगठित होकर नवनिर्माण करना भी इस ग्रंथि के द्वारा स्रावित हॉर्मोन से संतुलित किया जाता है. जिस प्रक्रिया द्वारा  शरीर में सुगठित तत्वों का निर्माण होता है उसे एनाबोलीज़म या चय कहा जाता है जबकि विघटन करने वाली प्रक्रिया को कॅटबॉलिज़म या पचय कहा जाता है. इन दोनो प्रक्रियायों के मिलन से उत्पन्न कार्य को मेटाबोलीज़म (metabolism) या चयपचय कहा जाता है. जब व्यक्ति पूर्णतयः विश्राम की स्थिति में होता है तब आधारिक चयपचायी मान (Basal Metabolic Rate)- BMR की दर को लेना संभव है. यह व्यक्ति की स्वास्थ का माप है और यह ...