प्रमुख भारतीय मसालों में शामिल पीपली कैंसर का इलाज करने में सहायक हो सकता है। एक अध्ययन से पता चला है कि यह मसाला घातक बीमारी को नियंत्रित करने में प्रभावी है। इसका इस्तेमाल कैंसर की प्रभावी दवा तैयार करने में किया जा सकता है। कैंसररोधी रसायन :- अमेरिका स्थित यूटी साउथ-वेस्टर्न मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने भारतीय पीपली के पौधे में कैंसररोधी गुण पाए। उन्होंने अपने अध्ययन में पीपली के कैंसरोधी गुणों के लिए जिम्मेदार रासायनिक प्रक्रिया को उजागर किया। शोधकर्ताओं ने कहा, पीपली में ऐसा एक रसायन पाया गया, जो शरीर में उस एंजाइम का उत्पादन नहीं होने देता, जो आम तौर पर बड़ी संख्या में ट्यूमर में पाया जाता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इस रसायन को पीपरलोंगुमाइन (पीएल) कहते हैं। कई प्रकार के कैंसर में इसके औषधीय गुण प्रभावी दिखे। स्तन, प्रोस्टेट, फेफड़े, बड़ी आंत, आमाशय आदि में होने वाले कैंसर को नियंत्रित करने में यह उपयोगी पाया गया। लिंफोमा और ल्यूकेमिया जैसे रक्त से जुड़े कैंसर और मस्तिष्क में होने वाले शुरुआती ट्यूमर के उपचार में भी यह लाभकारी रहा। जीन पर निशाना :- पीपली का औषधीय म...
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